भाषा / Language
बोलना..... माही बोल ना।
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बोलना..... माही बोल ना।
ईश्वर से तुमको मांगा ...
कहा *ईश्वर मुझे वो चाहिए*।
जाने क्यूं ये हो न सका
हद दुख गई।
फिर इक रोज़ ईश्वर ने थामा और कहा ...
मांगो मत
कहो ...
*वो मन में बसा रहे*।
चाहिए ... पर अब चाहिए नहीं।
मैं संभल गई
और
ईश्वर भी मान गया।
* मुझमें रहना तुम।
To unlove someone you love is real transition.
U grow .....U bow
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें