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कहां से आए बदरा

कहां से आए बदरा.... घुलता जाए कजरा। तुमसे अच्छी तो आजकल ये बारिश है बेवक्त चली आ रही। जानती है.... मेरा यार हंस रहा । 💕 यू। तस्वीर अभी घर की बालकनी से ली है। *मेरी पसंद का गीत सुनिए।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें