प्रेम पत्ता है... गिरता है फिर उग आता है। पर लोग पत्ते नहीं होते।
रचना 43354 अप्रैल 2023भाषा / Languageहिन्दीEnglishप्रेम पत्ता है✦प्रेम पत्ता है... गिरता है फिर उग आता है। पर लोग पत्ते नहीं होते।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें