कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 4293

भाषा / Language

मेरे लिए कविता का होना

मेरे लिए कविता का होना.... मिलने पर... तुम होंठ बढ़ाना। मैं आंखें आगे सरका दूंगी। हम एक दूजे का माथा भीगने का इंतजार करेंगे। तुम्हारी अनुपस्थिति को महफूज़ रखना.... तुम्हारी उपस्थिति से कहीं ज्यादा साल दर साल यही मेरे लिए कविता है। प्रेम पता नहीं क्या है ?
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें