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तेरी रंगत में रंगने लगे हैं हम

तेरी रंगत में रंगने लगे हैं हम... अब तेरे जैसे ही लगने लगे हैं हम ... मन आसमानी हुआ। गीत सुने। लिंक कॉमेंट बॉक्स में है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें