कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 4213

भाषा / Language

ये ज़मीं भी चाहिए

ये ज़मीं भी चाहिए ये आसमान भी और इनकी दूरियां नापने को तेरी नज़दीकियां भी *इससे पहले कि ये लफ्ज़ मुकर जाएँ .... लाओ तुम्हें दर्ज़ कर लूँ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें