कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 4172

भाषा / Language

बोल से चल कर हम कुछ देर इशारों पर रुके

बोल से चल कर हम कुछ देर इशारों पर रुके... अब चुप्पी पर खड़े हैं... मैं और मेरे मन में तुम।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें