मछली की तड़प पानी ही जानता है... इसलिए निश्चिन्त रहता है। जैसे तुम
रचना 393912 अक्टूबर 2022भाषा / Languageहिन्दीEnglishमछली की तड़प पानी ही जानता है✦मछली की तड़प पानी ही जानता है... इसलिए निश्चिन्त रहता है। जैसे तुमकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें