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स्त्री यकीन कभी नहीं देती.....एक कसौटी पर रखती है खुद को और…

स्त्री यकीन कभी नहीं देती.....एक कसौटी पर रखती है खुद को और पुरुष को। जीत जाए तो ठीक हार जाए तो भी हारती नहीं।☺️ पारस जानते हो फ़र्क जानने के लिए प्रयोग होता है। स्त्री वही है। मैं भी वही हूं... ठीक वही तुम्हारे लिए।
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