बेशक हम बादलों पर रहते हैं मसला ये है कि हर बारिश को तरसते हैं शहर सांझ .......
रचना 38339 अगस्त 2022भाषा / Languageहिन्दीEnglishबेशक हम बादलों पर रहते हैं✦बेशक हम बादलों पर रहते हैं मसला ये है कि हर बारिश को तरसते हैं शहर सांझ .......कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें