भाषा / Language
जिंदगी को प्यारा सा नाम देना हो तो क्या कह कर पुकारोगी कल्पना
✦
जिंदगी को प्यारा सा नाम देना हो तो क्या कह कर पुकारोगी कल्पना?
*सुनो ना संगमरमर* !
मैंने कहा।
*आप भी देकर देखिए एक नाम जिंदगी को...
मैं सुन रही।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें