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जिंदगी के रुखसार पर तिल उसी को दिखता है जो उसे आंख बंद कर च…

जिंदगी के रुखसार पर तिल उसी को दिखता है जो उसे आंख बंद कर चूमता चला जाता है। तुम्हारी जिंदगी पर लगा नुक्ता मेरा है। मेरी जिंदगी पर लगा तिल तुम्हारा। शुभरात
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें