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जिंदगी उतनी भर दिखती है जितना आप में उसको छिपा सकने की कुव्…

जिंदगी उतनी भर दिखती है जितना आप में उसको छिपा सकने की कुव्वत हो। कोई को कोई क्या ही देख पायेगा। वह कोई तो खुद सबसे छिपता फिरता है। आप का split सिर्फ़ आप देख सकते हो। मेरा कोई सिर्फ़ मैं देख सकती हूं। आपका कोई ...बस आप
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें