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ये इतना सारा प्रेम

ये इतना सारा प्रेम ... ये कितना सारा प्रेम कहां रखूं ये मेरे लिखे की पीठ पर सबसे प्यारी थपकी है। पहली बार मेरे लिखे का पोस्टर बना। ख़्वाब देखने से नहीं लिखने से ...रोज रोज लिख कर ही पूरे होते हैं। आप ने मेरा यह ख्वाब भी पूरा कर दिया । बहुत बहुत आभार। पोस्टर बहुत ही सुंदर है। उससे ज्यादा आपका मन सुंदर है जो अपनी प्रतिभा से मुझ जैसे कलम प्रेमियों को राह दिखाता है। सदा स्नेह कायम रहे मुझ पर। Ajamil Vyas sir.....
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें