भाषा / Language
समर्पण.…चार अक्षरों से बना पूर्णविराम ।
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समर्पण.…चार अक्षरों से बना पूर्णविराम ।
इतना सारा प्रेम ......
तुमको दुआएं।
ये हमेशा के लिए सहेजने वाली बात है मेरे लिए।
हर शाबाशी ....हर पुरस्कार से बहुत ऊंचा सम्मान
तुमसे स्नेह का बंधन बांधा है।
बने रहिए।
मेरे पास आप जैसे गिनती भर दोस्त हैं।
साथ भेजी तस्वीर ने दिल मोह लिया।
जीते रहो
अविनाश
तुम्हारा भेजा गीत चस्पा कर रही। अभी सुन कर मुस्कुरा रही। दुआएं तुमको
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें