कल्पनाशब्दों के बीच
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नव वर्ष शुभ हो

नव वर्ष शुभ हो... खुश रहूं.. सादी रहूं... प्रेमी रहूं.... हर दिन संभावना से भरा रहे। मुस्कान बनी रहे। मन भर के जी सकूं। ये दुआ अपने लिए की है ।आप सब के लिए भी यही मांग रही। मुझे थोड़ा प्रेम और देना। देते ही रहना।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें