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पिछले बरस याद के नाम पर सिर्फ याद है तुम्हारा खूब याद आना

पिछले बरस याद के नाम पर सिर्फ याद है तुम्हारा खूब याद आना.... इस बरस दुआ करूंगी... अगर हो सके तो तुम बस आना। खूब आना। एक ही हो जहां भर में ... जहां भर मेरे *तस्वीर ख्वाब में अनेकों बार आती है। ये दो लोगों में इक मैं सदा हूं। इक सम्मोहन है। नया साल मुबारक तुमको
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें