कल्पनाशब्दों के बीच
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आज daddyji को स्मार्टफोन से तस्वीर खींचना सिखाया। मैंने कहा…

आज daddyji को स्मार्टफोन से तस्वीर खींचना सिखाया। मैंने कहा आप तो प्रकृति के बीच रहते हो।ये एक बेहद प्यारा शगल है।आप एकाकी नहीं होते कभी। जब मन हुआ तस्वीरें कैद कर लिया करो। पल बचे रहते हैं स्मृतियों में। वे मुस्कुराए। मेरी और मां की कुछ तस्वीरें खींच ली। पहले ही प्रयास में daddyji पास.... सब तस्वीर उनकी ली हुई।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें