ककल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3336

भाषा / Language

पहाड़ हमेशा से एक तरफ़ा प्रेम में रहे

✦
पहाड़ हमेशा से एक तरफ़ा प्रेम में रहे ... नदी के साथ साथ चले और उसके प्रेमी को सौंप आये उसका हाथ । नदी मैदान से पहाड़ों का दुःख कभी नहीं देख पाई। और जब समझी सागर में अकेली डूब गई।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें