कल्पनाशब्दों के बीच
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आज धुँधली दिल्ली में काला घाम है।

आज धुँधली दिल्ली में काला घाम है। गमलों में बहार है मैं और तुम खिले हैं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें