कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3240

भाषा / Language

प्रेम ,रूप,गंध,दुःख और कविता ये सभी द्रव्य शब्द हैं

प्रेम ,रूप,गंध,दुःख और कविता ये सभी द्रव्य शब्द हैं जहां रख दो ....छलकेंगे तुम में मुझ में भी इनकी क़ैद ...इनकी सलाखें बनी नहीं। मैं और तुम इनके लिए एक मर्तबान बन सकते हैं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें