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काश साइबेरियन पक्षी होता प्रेम

काश साइबेरियन पक्षी होता प्रेम .... लौटना सिखाना न पड़ता इंतज़ार दोनों तरफ का खुद ढो लेता। चोंच में दबाए रहता रिक्तता
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें