कल्पनाशब्दों के बीच
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मेरे शब्दों में

मेरे शब्दों में .... लेखिका बनने का आसमान हो न हो तुम्हारी प्रेमिका बने रहने की ज़मीं पूरी है ये अमृता जी ने कहीं लिखा नहीं पर दिखता सबको हर पंक्ति में है। कल्पना पांडेय
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें