भाषा / Language
तुमने कहा मेरे पास दूरियाँ हैं।
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*तुमने कहा मेरे पास दूरियाँ हैं।
मैंने सुना...ज्यादा पास आना असल में है दूर जाना।
*तुमने कहा तुम्हें अपने कदमों पर वश नहीं।
मैंने सुना....मत कहो।
मुझे आवाज़ से उलझन होती है।
*तुमने कहा आसमान चाँद सूरज उगाने के लिए है। प्रेम का मचान न लगाओ।
मैंने सुना....मेरे लिए होंठ मत जलाया करो...तुम्हारा मुझे बनाना ही बिगाड़ देना है।
*तुमने कहा....कायम रहो।
दूर....बहुत दूर
मैंने सुना.... उदासी सबसे खूबसूरत फूल है। तुम पर अच्छा लगता है।
*मैंने कहा.....अच्छे तो हो न?
तुम ने सुना पर शायद मुझे अनसुना रखा रहने दिया।
शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें