थोड़े जज़्बात रखे रहने दो यहाँ... कुछ काई जमी रहती है। कुछ मन सीला रहता है।
रचना 28768 जून 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishथोड़े जज़्बात रखे रहने दो यहाँ✦थोड़े जज़्बात रखे रहने दो यहाँ... कुछ काई जमी रहती है। कुछ मन सीला रहता है।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें