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योगा करते वक्त खुले आकाश में दुःख को बादल
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योगा करते वक्त खुले आकाश में दुःख को बादल
बादल को पाखी
पाखी को ओझल होते देखा...
एक रोज़ दुःख भी न रहेगा
ये इतनी सी बात है पर मेरी आँखों ने इसे ऐसे देखा
आप भी देखिए।😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें