कल्पनाशब्दों के बीच
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सुबह की धुन

सुबह की धुन.... मेरी ...चूं चूं...ची ची थेरेपी 😊😊 सब अच्छे रहना💐💐 ये पहाड़ ये पेड़ ये नज़ारे ये वादियां हमारे इंतज़ार में हैं। एक रोज़ इनको गले लगाने के लिए सब अच्छे रहना। ये होना ही है। तब तक हर सुबह एक नई सुबह के लिए मन बनाये रखिये।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें