कल्पनाशब्दों के बीच
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अबकी आँखों वाला दुःख कहूंगी

अबकी आँखों वाला दुःख कहूंगी ...... होंठों वाली उदासी तो तुमने खारिज़ कर दी ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें