भाषा / Language
मुमकिन नहीं इस रुत में तुमसे मिलूं
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मुमकिन नहीं इस रुत में तुमसे मिलूं....
लौटने पर पहाड़ों से पांचवा मौसम लाऊंगी तुम्हारे लिए
💐💐💐💐😊😊😊😊
आज जाना था अल्मोड़ा पर देर रात तक rtpcr की रिपोर्ट ही नहीं आयी। अब आ गई।
अब कल सुबह सुबह की तैयारी है।
हालात तो वहां भी कम नहीं पर यहां से better।
कम से कम साँस तो ले पाऊंगी।
Nature heals
कुछ महीने घर...
आप सब अच्छे रहना।💐💐💐💐
आपको वहाँ से पहाड़ी नज़ारे और खूब दुआएं भेजूंगी।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें