कल्पनाशब्दों के बीच
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सुनो ! तुम्हारी भेजी बेरुखियाँ मिली

सुनो ! तुम्हारी भेजी बेरुखियाँ मिली बेहद उदास लगीं इन्हें हँसना सिखा दूँ क्या? ये पंक्तियां मुझे अपनी बेहद पसंद हैं।जितनी बार आंखों के सामने आती हैं पोस्ट कर देती हूं।😊 *तस्वीरें दक्षु ने ली है ये कह कर कि आप मोटी मम्मी ही लगोगे। मेरी तरह स्लिम हो नहीं सकते।😊😊😊 loose at least 10 kgs . सब अच्छे रहना💐💐 शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें