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अपनी प्रार्थनाओं का दायरा बढ़ाने का समय है

अपनी प्रार्थनाओं का दायरा बढ़ाने का समय है..... अपने परिवार के अलावा कम से कम 10 उन लोगों /दोस्तों के लिए दुआ करो जो तुम्हारे होठों पर मुस्कान लाते हैं। मन बड़ा करने का समय है। आप हँस सकते हैं मेरी इस बात पर.... पर मुझे ईश्वर और उसकी रहमत पर पूरा विश्वास है। हर कोई अपने साथ कुछ और लोगों को प्रार्थना में जरूर रखे। कोई आपको भी जरूर रख रहा होगा। अपने प्रेम को खूब याद करें ।उसके आसपास दुआओं का कवच बना दें। विश्वास में बड़ी ठौर है। ईश्वर दूर है पर व्याप्त है। प्रार्थना और सार्थक प्रयास ही हमको उबार लेंगे। हम साथ मुस्कुरायेंगे एक रोज़। विश्वास ही बल है। *तस्वीर अभी की है ।सुबह में उजास कम है पर कल्पना में आस बहुत😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें