भाषा / Language
आग बुझाने से बेहतर है लकड़ी खींच लो
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आग बुझाने से बेहतर है लकड़ी खींच लो ....
घर बैठ जाओ please
कोरोना की भैंस की पूँछ खुद बखुद जल जाएगी।
पर ये बात भी वही समझेंगे जिनकी भैंस पढ़ी लिखी समझदार और धैर्यवान होगी।
पानी में लकीर बनाने की भी इंसान तभी सोचता है जब हारने लगता है चौतरफ़ा।
शुभरात💐💐💐
*अपनी तस्वीर इस लिए डाली है कि खुद के प्यार में हूँ ....आप भी पड़ जाइये खुद से प्रेम में।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें