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फ़ासले फूलों वाले ही रहे

फ़ासले फूलों वाले ही रहे... न पनाह मिली न राह कभी मेरे हसीन क़ातिल... मैं तेरा नाम लूँगी😊😊😊 *कार में यही गाना बज रहा😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें