चाहना जिजीविषा ख्वाइशें अभिलाषा लक्ष्य हमारे मन के बेताल हम पर चिपके ही रहते हैं । कहने को सब राजा हैं पर वास्तव में हम दो शाख वाले जीवित बरगद हैं ।