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यहां सब खेला है बाबू

यहां सब खेला है बाबू..... नुमाइश दुखों की लगाकर कुछ हँसी बेच रहे। कुछ रेडी लगाकर हँसी ले लो हँसी ले लो कह रहे। कुछ ने दुखों के थान खोल रखे कि आओ पोछो आँसू कुछ चुपचाप जादू दिखा रहे दुख के बदले हँसी ले जाओ Exchange offer सब खिलाड़ी सब खिलौने खेला एक बार चले तो लत लग ही जाती है।😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें