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तिनकों से कैसे लिखूँगी इश्क़

*तिनकों से कैसे लिखूँगी इश्क़ आओ तो ..एक पल बना दो *आग तो पानी में ही लगेगी सब्र घोलो इश्क़ मिला दो *चाँद की बात चाँद से करना मुझे तुम जुगनू बना दो * अकेले हम ....अकेले तुम दो पत्तियों से दरख़्त बना दो *उदासी लिखना आसान है... अपने में से मुझको घटा दो लिखना... लिख कर भुला देना मेरे लिए आसान होना है। inhale Exhale Deep inhale टाइप्स😊😊 दरमियाँ में छोर नहीं होते मैं ,तुम ,ये ओर नहीं होते शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें