ककल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2513

भाषा / Language

मेरे शहर में तुम्हारा सूरज नहीं पहुँचता

✦
मेरे शहर में तुम्हारा सूरज नहीं पहुँचता और तुम्हारे शहर तक मेरी धूप भटक जाती है फिर भी चाँद कायम है ....इश्क़ अजूबा हुआ ना?
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें