कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2514

भाषा / Language

मुझे भरे अवसाद में चुटकी भर बसंत मिलाना है

मुझे भरे अवसाद में चुटकी भर बसंत मिलाना है.... मेरा पैमाना अलग मेरा नीम नशा भी शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें