कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 2511

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अपने ही इंतज़ार में हूँ

अपने ही इंतज़ार में हूँ... दस्तक दो... होश के परिंदे उड़ाने का मन है ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें