कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2510

भाषा / Language

मेरे बेहतरीन ख़त बेहद छोटे हुए

मेरे बेहतरीन ख़त बेहद छोटे हुए.... जैसे तुम्हारा पहला स्पर्श *पहाड़ों के साथ सुबह गुज़ारने का अपना सुख है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें