कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 2509

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दिन तो कब का सो गया जाने मैं कागज़ पर किसको बुझा रही

दिन तो कब का सो गया जाने मैं कागज़ पर किसको बुझा रही...... शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें