रात आधी हँसी उदासी में मिला कर रख देती हूँ। सुबह तक जम कर कविता हो जाती है
रचना 234019 नवंबर 2020भाषा / Languageहिन्दीEnglishरात आधी हँसी उदासी में मिला कर रख देती हूँ।✦रात आधी हँसी उदासी में मिला कर रख देती हूँ। सुबह तक जम कर कविता हो जाती हैकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें