कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 2339

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पिताजी कहते हैं

पिताजी कहते हैं..... हमने तो बुज़ुर्ग पहाड़ों को देखा है.... तुम जो अब देख रहे वो उनके आज़ाद वंशज हैं। *तस्वीर चुपके चुपके ली है बस अभी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें