भाषा / Language
जिस रोज़ ये लिखा था ..... सोचा नहीं था कि इसे आवाज़ मिलेगी
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जिस रोज़ ये लिखा था ..... सोचा नहीं था कि इसे आवाज़ मिलेगी...
बहुत शुक्रिया Pranav Vishvas .. एक बार फिर मेरे शब्दों में आवाज़ भरने का। कल लिंक शेयर करूँगी।
सुनियेगा....💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें