कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2101

भाषा / Language

उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां लो…

उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां लोक जीवन के कई रंग और उत्सव हैं। ऐसा ही पारंपरिक उत्सव है घी संक्रांति गांव घरों की महिलाएं इस दिन अपने बच्चों के सिर में ताजा मक्खन मलती हैं और उनके स्वस्थ व दीर्घजीवी होने की कामना करती हैं। रविवार को समूचे उत्तराखंड में घी संक्रांति मनाई गई। *पर्व से जुड़ी लोक मान्यता कुमाऊं के इलाके में इस दिन मक्खन अथवा घी के साथ बेडू रोटी (उड़द की दाल की पिट्ठी भरी रोटी) खाने का रिवाज है। लोक मान्यता है कि इस दिन घी न खाने वाले व्यक्ति को दूसरे जन्म में गनेल (घोंघे) की योनि प्राप्त होती है। कुमाऊं का कृषक वर्ग इस पर्व पर गाबे (अरबी के पत्ते) भुट्टे, दही, घी, मक्खन आदि की ओलग सबसे पहले ग्राम देवता को चढ़ाता है और उसके बाद इन्हें अपने उपयोग में लाता है। पंडित, पुरोहितों व रिश्तेदारों को भी ओलग दी जाती है। आप सभी को घी संक्रांत की शुभकामनाएं😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें