जो अपने हाथ में है .... बस वही सुख है । दुख ...अभी दूजे के पास है।
रचना 195015 जून 2020भाषा / Languageहिन्दीEnglishजो अपने हाथ में है✦जो अपने हाथ में है .... बस वही सुख है । दुख ...अभी दूजे के पास है।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें