कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1751

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लोग हमारी कहानियां पढ़ते ही इसलिए हैं क्योंकि वो एकांत खोजते…

लोग हमारी कहानियां पढ़ते ही इसलिए हैं क्योंकि वो एकांत खोजते हैं अपने लिए और एक विकल्प भी ताकि मौन हो सकें। बहुत सारा कौन हो सकें। लिखना शिफ़ा है... मेहँदी घुल गयी है...ये हरश्रृंगार ताज़ा हैं तुम्हारे लिए।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें