कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1703

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तेरे मेरे बीच में क्या है

तेरे मेरे बीच में क्या है........ . . . . . . कल्पना आज shrine of remembrance जाना हुआ। तस्वीर में एक प्रेमी जोड़े को अपनी याद के लिए रख लिया। ये एक दूसरे की नज़र में थे और मेरी नज़र इन पर रूक गई थी । वे सीढ़ियों के दो छोरों पर खड़े थे ...और मैं कहीं और ऊपर से उन्हें पढ़ रही थी । प्रेम किताब नहीं तस्वीर भी है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें