कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1523

भाषा / Language

बेसाख्ता मुहब्बत है

बेसाख्ता मुहब्बत है मुझे उसके नूर पर नाज़ है ज़िन्दगी का हर दिन मेरा खूबसूरत आज है कल्पना 💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें