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अकेलापन तन्हाई

अकेलापन तन्हाई और एकांत सब इक ही साँचे में ढले लगते हैं छू के देखिये .... अलग हैं अकेलापन ......मिलता है .......अपनों से तन्हाई ........होती है ......अपनी बुनी हुई और एकांत .....चाहिए होता है ....अपने लिए Classification at its best 😊😊😊😊 कल्पना💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें